
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया:
“हमास की प्रतिक्रिया के बाद इसराइल सभी बंधकों की तत्काल रिहाई के लिए ट्रंप की योजना के पहले चरण को तुरंत लागू करने की तैयारी कर रहा है।“
उन्होंने ये भी जोड़ा कि इसराइल अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप की टीम के साथ मिलकर शांति के लिए पूरा सहयोग देगा।
हमास ने दिखाई लचीलापन, पर शर्तों के साथ
इस बयान से कुछ घंटे पहले, हमास ने अपने बयान में इसराइल के बचे हुए सभी बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई थी। लेकिन साथ ही उसने यह स्पष्ट कर दिया कि वह ग़ज़ा के लिए तैयार की गई अमेरिकी शांति योजना के कई मुख्य बिंदुओं पर बातचीत चाहता है।
“हम शांति चाहते हैं, लेकिन उस पर बातचीत जरूरी है।” – हमास
अमेरिका और इसराइल में पहले ही बन चुकी है सहमति
इस शांति योजना को लेकर अमेरिका और इसराइल के बीच पहले ही सहमति बन चुकी है। नेतन्याहू और ट्रंप की हालिया मुलाक़ात के दौरान इस योजना पर फाइनल बातचीत हुई थी, जिससे साफ है कि अब मामला हमास की बातचीत और इसराइल की कार्रवाई पर टिक गया है।
क्या यह Middle East में स्थायी शांति की शुरुआत हो सकती है?
हमास की रज़ामंदी और इसराइल की तत्परता इस ओर संकेत कर रही है कि यह मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे संघर्ष का टर्निंग पॉइंट हो सकता है। लेकिन असली चुनौती होगी – योजना के जटिल बिंदुओं पर सहमति बनाना।

आगे क्या?
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ट्रंप की योजना का पहला चरण जल्द शुरू होने वाला है
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बंधकों की सुरक्षित रिहाई प्राथमिकता
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ग़ज़ा में स्थायी संघर्षविराम की उम्मीद
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अमेरिकी मध्यस्थता में अगला राउंड बातचीत जल्द
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